योगी की परिभाषा

जो साधक इस जीवन में शारीर का नाश होने से पहले ही काम-क्रोध से उत्पन होने वाले वेग को सहन करने में समर्थ हो जाता है , वही पुरुष योगी है और वही सुखी है |
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