| श्री राम जय राम जय जय राम |
| चौपाई | :- | मुद मंगलमय संत समाजू। जो जग जंगम तीरथ राजू॥ | |
| सन्दर्भ | :- | यह चौपाई बाल काण्ड में संत समाज रूपी तीर्थ वर्णन में आती है। | |
| अर्थ | :- | संतों का समाज आनंद और कल्याणमय है, जो जगत में चलता-फिरता तीर्थराज (प्रयाग) है। | |
| उत्तर | :- | प्रश्न उत्तम है, कार्य सिद्ध होगा । | |
| श्री राम श्लोकी प्रश्नावली - गीता प्रसार |
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