| श्री राम जय राम जय जय राम |
| चौपाई | :- | सुफल मनोरथ होहुँ तुम्हारे। रामु लखनु सुनि भय सुखारे॥ | |
| सन्दर्भ | :- | यह चौपाई बाल काण्ड में ऋषि विश्वामित्र जी का श्री राम चन्द्र जी को आशीर्वाद है। | |
| अर्थ | :- | (ऋषि विश्वामित्र जी आशीर्वाद देते हुए कहते हैं कि) तुम्हारे मनोरथ सफल हों। यह सुनकर श्री राम-लक्ष्मण सुखी हुए । | |
| उत्तर | :- | प्रश्न बहुत उत्तम है, कार्य सफल होगा । | |
| श्री राम श्लोकी प्रश्नावली - गीता प्रसार |
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