एक श्लोकी भागवत गीता प्रसार 06:32 गीता प्रसार आदौं देवकी देव गर्भ जननं गोपी गृह वर्धनम माया श्वान जीव ताप हरणं गोवार्धनो धारणं कंस छेदन कौरावादी हननं कुंती सुतम पालनं एतद श्री मद भागवत कथितं श्री कृष्ण लीला अमृतं<
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AISA HI BHAGAWAT GITA KI KOI EKSHLOKI RACHNA HO TOH PLS orgonchi@yahoo.com mein post kijiye guruji, please....
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